दीपक 'कुल्लुवी' की कलम से.................

मेरे गम से न रख रिश्ता मगर अपना मुझे दे दे, अपने दर्द के लम्हे हमारे नाम तू कर दे ,हम इतने भी नहीं बुजदिल जो डर जाएँगे इतने में, न हो हमपे यकीं ऐ-दोस्त तो मेरी जान भी ले ले

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बाजण दे

Posted On: 1 Oct, 2012 Others में

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(हरियाणवी हिंदी मिक्स गीत )
बाजण दे

ढोला बाजण दे बाजण दे-4

बड़ी सुहानी रात चाँदणी मन्ने नाचण दे
–ढोला बाजण दे बाजण दे-4
(1) नाचत नाचत हुई वावली हो गई मैं दीवानी-2
मैं नागण सी लोटूं मेरा काटा मांगे  न पाणी-२
बिंदी सुर्खी ला दे मन्ने मन्ने साजण दे
ढोला बाजण दे बाजण दे-4
(2) मैं नाचूँ सूँ बण के मोरणी मस्ती मोरी न्यारी-2
अंग्रेजण सी गोरी चिट्टी सूरत भोली प्यारी-2
बिखर न जाएँ घुंघरू जब तक तब तक नाचण दे
ढोला बाजण दे बाजण दे-4
दीपक शर्मा ‘कुल्लुवी’
01 अक्टूबर 2012 .
09350078399

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

manoranjanthakur के द्वारा
October 1, 2012

बहुत मजेदार … वाह … क्या खूब बधाई

    deepaksharmakuluvi के द्वारा
    October 3, 2012

    THANK YOU VERY MUCH SIR FOR APPRECIATING MY SONG


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